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कोरबा में अंधे मोड़ पर हादसों को रोकने पुलिस की बड़ी पहल, बेराघाट में लगाया गया कॉन्वेक्स मिरर

कोरबा । कोरबा जिले के पेंड्रा रोड-बेराघाट मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए कोरबा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कदम उठाया है। खतरनाक अंधे मोड़ पर कॉन्वेक्स मिरर (उत्तल दर्पण) स्थापित कर दिया गया है, जिससे अब वाहन चालकों को मोड़ के दूसरी ओर से आने वाले वाहनों की जानकारी पहले ही मिल सकेगी और दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम होगी।

जानकारी के अनुसार पेंड्रा रोड-बेराघाट का यह मोड़ लंबे समय से दुर्घटना संभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित रहा है। हाल ही में यहां एक और गंभीर सड़क हादसा हुआ था, जिसमें पेंड्रा से कोरबा की ओर आ रही एक कार और कोरबा से पसान रोड-बेराघाट की तरफ जा रही दूसरी कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, नितीश ठाकुर, डीएसपी डी.के. सिंह तथा थाना प्रभारी तेज यादव के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मोड़ पर दृश्यता बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को सामने से आ रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं।

इसी समस्या के समाधान के लिए पुलिस विभाग ने त्वरित पहल करते हुए अंधे मोड़ पर कॉन्वेक्स मिरर लगवाया। यह विशेष प्रकार का दर्पण चौड़े कोण में दृश्य दिखाने की क्षमता रखता है, जिससे चालक मोड़ लेने से पहले सामने की स्थिति देख सकेंगे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से आमने-सामने की टक्कर जैसी घटनाओं में कमी आएगी और मार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित होगा।

पुलिस प्रशासन केवल अस्थायी समाधान तक सीमित नहीं रहना चाहता। सड़क सुरक्षा को लेकर दीर्घकालिक योजना के तहत संबंधित प्रशासनिक विभाग को आधिकारिक पत्र भी भेजा गया है। पत्र में मांग की गई है कि इस संवेदनशील मार्ग पर जल्द से जल्द रंबल स्ट्रिप्स (गति नियंत्रण पट्टियां), चेतावनी संकेतक बोर्ड और निर्धारित गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क हो सकें और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

इस पूरी कार्रवाई को धरातल पर उतारने में हेड कांस्टेबल साहेब खाटकर, कांस्टेबल राजेश चंद्रा और भीषम नारंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस कर्मियों ने मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया और कॉन्वेक्स मिरर लगाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कराया।

कोरबा पुलिस की इस पहल का स्थानीय नागरिकों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस अंधे मोड़ पर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब कॉन्वेक्स मिरर लगाए जाने और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की पहल से दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद बढ़ गई है।

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