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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामलों की वापसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सलियों को राहत देना और पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूत करना है।

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामलों की वापसी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सलियों को राहत देना और पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूत करना है।सरकार द्वारा तय नई व्यवस्था के तहत एक कैबिनेट सब-कमेटी गठित की जाएगी, जो आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की समीक्षा करेगी। यह समिति मामलों की जांच कर योग्य मामलों को राज्य मंत्रिमंडल के सामने अंतिम निर्णय के लिए प्रस्तुत करेगी। जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया में पहले जिला स्तर पर समिति गठित की जाएगी, जो संबंधित मामलों की जांच कर अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजेगी। इसके बाद कानूनी राय के साथ प्रस्ताव राज्य सरकार तक पहुंचेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं मामलों पर विचार किया जाएगा, जिनमें आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का व्यवहार अच्छा रहा हो और उन्होंने नक्सल उन्मूलन अभियान में सहयोग किया हो। यह कदम छत्तीसगढ़ की नक्सल समर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना और पूर्व नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ना है। सरकार का मानना है कि इस पहल से अधिक से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित होंगे और राज्य में नक्सलवाद को खत्म करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

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