साइबर ठगों के निशाने पर 10वीं-12वीं के परीक्षार्थी, फेल बताकर पैसे की मांग
देशभर में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान साइबर ठगी के मामलों में तेजी देखी जा रही है। हाल ही में सामने आए मामलों में साइबर अपराधी 10वीं और 12वीं के छात्रों को निशाना बनाकर उन्हें फेल होने का डर दिखा रहे हैं और पास कराने के नाम पर पैसे मांग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ठग छात्रों को फोन कॉल या व्हाट्सएप मैसेज के जरिए संपर्क करते हैं और दावा करते हैं कि वे बोर्ड परीक्षा में फेल हो गए हैं। इसके बाद वे “रिजल्ट ठीक कराने” या “पास कराने” के नाम पर रकम की मांग करते हैं। कई मामलों में ठग छात्रों का नाम, रोल नंबर और विषयों की जानकारी भी साझा करते हैं ताकि उनकी बात विश्वसनीय लगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठग 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक की मांग कर रहे हैं और भुगतान के लिए क्यूआर कोड या ऑनलाइन ट्रांसफर का दबाव बनाते हैं। कुछ मामलों में छात्रों ने सतर्कता दिखाते हुए पैसे नहीं भेजे और इस तरह ठगी से बच गए।
शिक्षा बोर्ड और प्रशासन ने इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा परिणाम पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय प्रक्रिया से तैयार होते हैं, और किसी कॉल या मैसेज के जरिए उन्हें बदला नहीं जा सकता।
विशेषज्ञों ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करें, किसी को पैसे न भेजें और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत शिकायत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस में करें।
**(रिपोर्ट: साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच छात्रों और अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत)**
