मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ गीता ज्ञान और ऑनलाइन प्रवचन की आड़ में युवतियों का यौन शोषण करने वाले एक ढोंगी बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी आईआईटी रुड़की से बीटेक कर चुका एक पढ़ा-लिखा युवक है, जो साधु का भेष धरकर गोवर्धन के राधाकुंड क्षेत्र में इस कारनामे को अंजाम दे रहा था। छत्तीसगढ़ की एक युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके चंगुल से दो अन्य युवतियों को मुक्त कराकर उनके परिजनों को सौंप दिया है।

आश्रम में रहने वाली युवतियों का यौन शोषण
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का असली नाम अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास है, जो मूल रूप से उड़ीसा के फोरदा का रहने वाला है और उसके माता-पिता भुवनेश्वर में रहते हैं। आरोपी अभिषेक ऑनलाइन प्रवचन के जरिए पढ़े-लिखे युवक-युवतियों को अपने जाल में फंसाता था और फिर उनका ब्रेनवाश कर देता था। वह आश्रम में रहने वाली युवतियों को नशीला पदार्थ देकर उनका यौन शोषण करता था।
छत्तीसगढ़ की युवती से दुष्कर्म का प्रयास
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता 15 मई को मथुरा में इंटर्नशिप कर रही अपनी बड़ी बहन से मिलने राधाकुंड आई थी, जहाँ आरोपी ने भगवान का प्रसाद बताकर उसे जबरन नशीला दूध पिला दिया और उसके बेहोश होने पर दुष्कर्म का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता को उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता के नहाने का वीडियो वायरल करने की देता था धमकी
छत्तीसगढ़ वापस लौटने के बाद भी आरोपी अलग-अलग नंबरों से फोन कर उसका नहाने का वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था, जिसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर मामला दर्ज कराया।
बिलासपुर और छतरपुर की युवती बरामद
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने सोमवार शाम आरोपी अभिषेक मिश्रा को राधाकुंड स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को वहां दो और युवतियां मिलीं, जिनमें से एक छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर और दूसरी मध्य प्रदेश के छतरपुर ज़िले की रहने वाली है।
दोनों युवतियों को भेजा गया नशा मुक्ति केंद्र
दोनों युवतियों की बिगड़ी स्थिति को देखते हुए, परिजनों की सहमति पर आगरा की नशा मुक्ति टीम की मदद से इन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी इस रैकेट को बेनकाब करने में एक महीने से जुटे थे। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस ढोंगी बाबा के जाल में और कितनी युवतियां फंसी हुई थीं।
