
रायपुर (छत्तीसगढ़): भीषण गर्मी के बीच जनगणना कार्य में लगाई गई ड्यूटी को लेकर प्रदेश के शिक्षकों ने विरोध जताया है। शिक्षकों का कहना है कि 40 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे तापमान में घर-घर जाकर सर्वे करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, इसलिए सरकार को जनगणना कार्य का समय बदलना चाहिए। दरअसल, राज्य में आगामी जनगणना के तहत मई से हाउस लिस्टिंग और डोर-टू-डोर सर्वे का कार्य शुरू होना है, जिसके लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षकों ने मांग की है कि भीषण गर्मी को देखते हुए सर्वे का समय सुबह या शाम किया जाए, या फिर पूरे कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाए। उनका कहना है कि दोपहर की तेज धूप में काम करना न केवल कठिन है बल्कि इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों लू और गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां भी पहले घोषित कर दी हैं, हालांकि शिक्षकों को इससे राहत नहीं मिली है। ऐसे में शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि उनकी ड्यूटी और कार्य समय में बदलाव कर उन्हें राहत दी जाए, ताकि वे सुरक्षित तरीके से जनगणना कार्य पूरा कर सकें।
