Home / छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश / कोरबा से चल रहा अवैध बैटरी स्क्रैप का करोबार, न कोई वैध परमिट न लायसेंस

कोरबा से चल रहा अवैध बैटरी स्क्रैप का करोबार, न कोई वैध परमिट न लायसेंस

👉🏻 पर्यावरण विभाग गहरी नींद में,जीएसटी बिल के सहारे हो रहा लाखों का खेल

कोरबा, 03 जून । अवैध कबाड़, डीजल की चोरी के साथ-साथ कोरबा जिले में बैटरी के स्क्रैप का कारोबार अवैध तरीके से किया जा रहा है। यहां से कम से कम आधा करोड़ का अवैध बैटरी स्क्रैप प्रदेश से बाहर भेजने का काम धड़ल्ले से व असुरक्षित तरीके से हो रहा है। दूसरी तरफ, संबंधित विभाग कान में तेल डाले अनजान बना हुआ है। पुलिस की कोई फील्डिंग इस मामले में नहीं है,पर्यावरण विभाग को कोई मतलब ही नहीं है जबकि यह बेहद गम्भीर मामला है।

पुष्ट सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कोरबा शहर क्षेत्र सेअवैध बैटरी स्क्रैप का कारोबार जोर-शोर से चल रहा है। यह लाखों-करोड़ का अवैध व्यवसाय है जिसमें हर हप्ते 40 से 50 लाख का बैटरी स्क्रैप दूसरे प्रदेशों में अवैधानिक व गैर कानूनी तरीके से परिवहन हो रहा है। अकेले कोरबा से करीब 200 टन अवैध बैटरी स्क्रैप बाहर भेजा जा रहा है। यहां से लोड होकर निकलने वाली गाड़ी में ना तो पर्यावरण विभाग की अनुमति होती है और ना ही यह व्यवसाय करने वालों के पास लाइसेंस है। सिर्फ जीएसटी लगाकर नियम को ताक पर रखकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है।

एसईसीएल, एनटीपीसी व अन्य से प्राप्त बैटरियों में घालमेल के बातें सामने आ रही हैं। पुलिस विभाग की नजर से इस अवैध काम का ओझल रहना भी संदेहास्पद है। बैटरी का व्यवसाय से जुड़े स्थानीय सूत्र ने बताया कि बिना वैध अनुमति व दस्तावेज के निकलने वाली एक गाड़ी में 30 से 50 लाख रुपए का माल बाहर दूसरे प्रदेश भेजा जा रहा है।

👉🏻 गाड़ी उत्तरप्रदेश जा रही पर्यावरण क्लियरेंस बंगाल का

सूत्र बताते हैं कि अवैध परिवहन में लगे वाहन और संलिप्त लोग पुलिस को बड़ी आसानी से गुमराह कर असुरक्षित तरीके से बैटरी स्क्रैप जिला व प्रदेश की सीमा से बाहर ले जाते हैं। इसे इस तरह समझें कि एक गाड़ी अवैध बैटरी स्क्रैप उत्तर प्रदेश के लिए कोरबा से रवाना होता है औऱ पर्यावरण सम्बन्धी अनुमति का दस्तावेज पश्चिम बंगाल से जारी होता है। रास्ते मे जांच के दौरान दिखाने के लिए मात्र जीएसटी बिल के सहारे माल पार करा लिया जाता है क्योंकि मौजूद बैटरी स्क्रैप के बारे न तो पुलिस कुछ जानकारी रखती है,न अधिकारी।

👉🏻 सारा काम अवैध

कोरबा शहर क्षेत्र से इस तरह से हो रहा कार्य पूर्णत:अवैध है और ऐसे कारनामे कई महीने ही नहीं बल्कि सालों से चल रहा है लेकिन आज तक पकड़ा नहीं गया। कोरबा सहित पूरे प्रदेश में इस तरीके का कारोबार हो रहा है जिसका लाखों का सालाना लेन-देन है जिसमें अवैध/फर्जी बिल का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है और जीएसटी की चोरी भी। इस तरह के मामले में सख्त कार्रवाई की दरकार है।

👉🏻 छग के पर्यावरण विभाग का लायसेंस जरूरी,लेकिन लेते नहीं

जानकार बताते हैं कि बैटरी स्क्रैप का परिवहन के लिए नियमत: प्रदूषण नियंत्रण विभाग, पर्यावरण विभाग मुख्यालय से लाइसेंस जारी होता है। हेड ऑफिस रायपुर से जारी होने पर ही मालवाहन से परिवहन की अनुमति मिलती है। इसके विपरीत कोरबा से स्क्रैप भेजने वाले लोग गैर कानूनी तरीके से परिवहन करा रहे है।

👉🏻 घातक रोगों का रहता है खतरा

बैटरी स्क्रैप का अपशिष्ट एक जहरीला पदार्थ होता है जिससे कैंसर जैसे गंभीर रोग होने का खतरा होता है। बता दें कि अवैध तरीके से परिवहन वाली गाड़ी में तिरपाल ढककर परिवहन किया जा रहा है जबकि गाड़ी पूरी तरह से बंद होनी चाहिए और उसका परमिट पर्यावरण विभाग से होना चाहिए। यहां तक कि जो व्यापारी बैटरी स्क्रैप बेच रहा है,उसके पास भी इसे बेचने का अथॉरिटी होना चाहिए और जो खरीद रहा है उसके पास भी खरीदने का अथॉरिटी होना चाहिए लेकिन ये लोग मात्र जीएसटी का बिल लगा कर कारोबार कर रहे हैं जो अनुचित है /अव्यवहारिक है। इस पर छत्तीसगढ़ सरकार को पर्यावरण विभाग,जीएसटी, पुलिस को कार्रवाई हेतु दिशा-निर्देश जारी करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *