तिल्दा-नेवरा में भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप: बिना बेस सड़क का भुगतान, उप अभियंता पर गंभीर सवाल
रायपुर/तिल्दा-नेवरा। नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा में विकास कार्यों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। उप अभियंता शिवाजी राव जाधव पर आरोप है कि उन्होंने वार्ड क्रमांक 13 में बनाई गई सड़क का निर्माण बिना बेस के ही करवा दिया और उसका पूरा भुगतान भी करा लिया। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, गुरु घासीदास उद्यान के पीछे बनी सड़क में बेस कार्य किए बिना ही बिल तैयार कर भुगतान कर दिया गया। इससे शासन को लाखों रुपये के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि बिना उचित जांच के कोर कटिंग रिपोर्ट के आधार पर भुगतान कैसे स्वीकृत किया गया।
नगर पालिका तिल्दा-नेवरा प्रदेश की प्रमुख नगर पालिकाओं में गिनी जाती है, लेकिन यहां प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान में स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल एक ही उप अभियंता पदस्थ है, जिससे कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता पर असर पड़ने की बात कही जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, संबंधित उप अभियंता का नाम पहले भी कथित अनियमितताओं में सामने आ चुका है। आरोप है कि पूर्व में एक निजी निर्माण कंपनी के साथ मिलीभगत कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया था, जिसके बाद उनका तबादला बस्तर संभाग कर दिया गया था। हालांकि बाद में वे फिर से तिल्दा-नेवरा में पदस्थ हो गए।
इसके अलावा, नगर पालिका क्षेत्र में बनाए जा रहे सामुदायिक भवनों में भी घटिया और अमानक ईंटों के उपयोग के आरोप लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन भवनों की गुणवत्ता बेहद खराब है और भविष्य में इनके गिरने का खतरा भी बना हुआ है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि परीक्षण के लिए भेजी गई ईंटें और निर्माण में उपयोग की गई ईंटें अलग-अलग हो सकती हैं।
मामले को लेकर रायपुर के संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचने की बात कही जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके।
