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बंगाल में CM शुभेंदु का डॉन-माफिया पर एक्शन, एक बाद एक अंडरवियर में निकाली जा रही परेड

कोलकाता/स्वराज टुडे: हाफ पैंट, सैंडो गंजी, कमर में रस्सी बंधी हुई. पुलिस के घेरे में तेज धूप में सड़क पर परेड. यह तस्वीर अब बंगाल की सड़कों पर दिख रही है. चाहे नॉर्थ हावड़ा हो या सांकराइल. पुलिस की कार्रवाई ने अब पुराने डॉन, माफिया और एक्सटॉर्शन के आरोपियों की नींद उड़ा दी है.

कुछ दिन पहले तक जो लोग लाठी लहराते थे, जिनकी धमक से इलाका दहल जाता था और पुलिस को भी धमकाते थे, उन्हें अब हॉफ पैंट पहनाकर पुलिस घुमा रही है.

सीएम शुभेंदु अधिकारी की सरकार में पुलिस का यह रूप बिल्कुल नया है. वे अब समाज के गुंडों, भ्रष्टाचारियों और सभी अपराधियों को सजा देने के लिए हॉफ-पैंट मॉडल को एक टूल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

अंडरवियर में डॉन आकाश सिंह को घुमाया

24 मई 2026. रविवार को आकाश सिंह को नॉर्थ हावड़ा की सड़कों पर हॉफ पैंट और सैंडो गंजी पहने सिर झुकाकर घूमते हुए देखा गया. वह कई पुलिसवालों से घिरा हुआ था. आकाश सिंह असल में एक कुख्यात बदमाश है. उसे इलाके का ‘डॉन’ कहा जाता है. उस पर 2021 में पुलिसवालों पर गोली चलाने का आरोप है. इतना ही नहीं, उस पर 20 से ज्यादा बम धमाके करने और क्रिमिनल एक्टिविटी में शामिल होने का भी आरोप है.

पुलिस उसे पहले ही अरेस्ट कर चुकी है. समाज के क्रिमिनल्स को कड़ा मैसेज देने के लिए, आकाश का बाद में मुंडन किया गया और उसे गंजी और अंडरवियर पहनाकर सड़कों पर घुमाया गया.

सांकराइल में सैंडों गंजी में घुमाया गया होमगार्ड

नॉर्थ हावड़ा के बाद सांकराइल में यही तस्वीर देखने मिली. सोमवार को एक ट्रैफिक होमगार्ड को शॉर्ट्स और सैंडो गंजी पहनकर सड़कों पर उसी तरह कमर में रस्सी बांधकर घुमाया गया.. पता चला है कि यह होमगार्ड सांकराइल की तृणमूल विधायक प्रिया पाल का बहुत करीबी है. उसका नाम शाहीन मोल्लाह उर्फ सनी है. उसे सांकराइल पुलिस स्टेशन ने 23 मई को एक्सटॉर्शन के आरोप में अरेस्ट किया था.

उस पर कई करोड़ रुपये एक्सटॉर्शन करने का आरोप है. कल जब उसे हावड़ा कोर्ट में पेश किया गया, तो जज ने चार दिन की पुलिस कस्टडी का ऑर्डर दिया. आज सेंट्रल फोर्स और संकरैल पुलिस स्टेशन की पुलिस ने मिलकर सांकराइल के बेलटोला से नालपुर तक उनकी कमर में रस्सी बांधकर पैदल ले गए.

क्या कहते हैं पूर्व पुलिस अधिकारी?

इस मुद्दे पर पूर्व पुलिस अधिकारी अरिंदम आचार्य ने कहा, भारतीय संविधान में इस तरह के कानून हैं. वे निष्क्रिय थे. उन्हें लागू नहीं किया गया था. पुलिस बेपरवाह हो गई थी. नई सरकार की पॉलिसी है कि जो अपराधी समाज में गंदगी फैला रहे थे, उन्हें आज सबक सिखाना होगा. वही पुलिस पहले ऐसा नहीं कर रही थी. अब कर रही है. पिछली सरकार नहीं चाहती थी, अब यह सरकार काम कर रही है.

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