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भाजपा कार्यकर्ताओं में फिर जागी एल्डरमैन बनने की उम्मीद

कार्यकर्ता पिछले ढाई सालों से एल्डरमैन बनने की बाट जोह रहे

प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के ताजा बयान के बाद प्रदेश भाजपा के आम कार्यकर्ताओं में अब नगरीय निकायों में एल्डरमैन बनने की उम्मीद जग गई है। भाजपा कार्यकर्ता पिछले ढाई सालों से एल्डरमैन बनने की बाट जोह रहे हैं। ऐसे कार्यकर्ता कहते हैं कि चुनावी मौसम आते ही भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को देवतुल्य बताकर काम में झोंक देती है और दिलासा देती है कि आगे संगठन या सत्ता में भागीदारी दी जाएगी, परंतु ढाई साल गुजर जाने के बाद भी एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर यह बात बेमानी साबित हो रही है।

चूंकि पिछले साल नगरीय निकाय चुनाव 2025 में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली है, लिहाजा भाजपा कार्यकर्ताओं को एल्डरमैन नियुक्त किए जाने का इंतजार है, लेकिन यह इंतजार इतना लंबा हो गया कि अब एल्डरमैन बनने की इच्छा ही खत्म हो गई।

उल्लेखनीय है कि राज्य की सत्ता में वर्ष 2023 में भाजपा ने पुनः वापसी की। इसके पहले पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने अगस्त 2019 में 27 में से 24 जिलों के नगरीय निकायों में 1200 एल्डरमैन की नियुक्ति की थी, जिसे सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने 22 दिसंबर 2023 को निरस्त कर दिया था। तब से एल्डरमैन के पद रिक्त हैं। जब पूर्व सरकार की समय नियुक्त एल्डरमैन की नियुक्ति निरस्त की गई थी, तब भाजपा संगठन ने कहा था कि जल्द ही एल्डरमैन की नियुक्ति की जाएगी।

एल्डरमैन की नियुक्ति की खबर सुनकर कार्यकर्ताओं की बांछें खिल गई थीं। उन्हें लगने लगा था कि पार्टी अब उनकी मेहनत का परिणाम देगी, परंतु ढाई साल बीतने के बाद भी अब तक एल्डरमैन की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

जिला अध्यक्षों से नाम मंगवाए थे संगठन ने

ऐसा नहीं है कि एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर प्रयास नहीं हुए हैं। भाजपा संगठन के नेताओं ने बकायदा सभी जिलाध्यक्षों से एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ताओं के नाम मंगवाए थे। इस बीच लोकसभा का चुनाव आ गया और फिर भाजपा संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हुआ और नगरीय निकाय चुनाव के साथ-साथ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई। तब भी संगठन के नेताओं ने कहा कि जल्द ही चुनाव निपटने के बाद इन पदों पर नियुक्ति कर दी जाएगी।

एल्डरमैन नियुक्ति में जिलाध्यक्षों का आया पेंच

भाजपा सूत्र बताते हैं कि एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर पूर्व जिलाध्यक्षों ने जो नाम भेजे थे, उसमें से कुछ को पार्षद की टिकट मिल गई, तो कुछ ने नगर पालिका और नगर पंचायत में चुनाव लड़ा। भाजपा के करीब दो दर्जन से ज्यादा जिलाध्यक्ष भी संगठन चुनाव के बाद बदल गए और नए जिलाध्यक्ष आ गए। ऐसे में अब नए जिलाध्यक्षों ने पुराने जिलाध्यक्षों द्वारा भेजे गए नामों की सूची में संशोधन कर नए नाम भेजे हैं। उनके मुताबिक एल्डरमैन की नियुक्ति में वर्तमान जिलाध्यक्षों की बात सुनी जाए।

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