
कोलकाता/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया संबोधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री के बयान को खारिज करते हुए कहा कि “महिला आरक्षण के नाम पर यह खेल नहीं चलेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने देश को गुमराह करने की कोशिश की है और इस मुद्दे को राजनीतिक एजेंडा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) हमेशा से महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के पक्ष में रही है और इस विषय पर किसी से “सीख लेने” की जरूरत नहीं है। ममता ने दावा किया कि उनकी पार्टी में महिलाओं की भागीदारी पहले से ही अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका विरोध महिला आरक्षण से नहीं, बल्कि इसे डिलिमिटेशन (सीमांकन) से जोड़ने के तरीके से है। उनके मुताबिक, यह कदम संघीय ढांचे को कमजोर कर सकता है और कुछ राज्यों को राजनीतिक रूप से फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री के संबोधन पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे “भ्रामक और राजनीतिक” करार दिया और कहा कि ऐसे मुद्दों पर संसद में खुली बहस होनी चाहिए, न कि एकतरफा भाषण। वहीं, इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं हो सका, जिससे देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। निष्कर्ष:महिला आरक्षण को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। जहां केंद्र सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
