
विशेष रिपोर्ट: 2026 परिसीमन से बदलेगा छत्तीसगढ़ का सियासी नक्शारायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीतिक तस्वीर आने वाले समय में पूरी तरह बदलने वाली है। साल 2026 में होने वाले विधानसभा सीटों के परिसीमन के बाद प्रदेश में सीटों की संख्या मौजूदा 90 से बढ़कर 110 या 120 तक हो सकती है। जनसंख्या में हुई वृद्धि और भौगोलिक बदलावों को देखते हुए इस कवायद की तैयारी शुरू हो चुकी है।प्रमुख बदलाव और उनके प्रभावबढ़ेंगी विधानसभा सीटें: जनसंख्या के आधार पर छत्तीसगढ़ में करीब 20 से 30 नई विधानसभा सीटें जोड़ी जा सकती हैं। इससे बड़े जिलों में विधायकों की संख्या बढ़ जाएगी।आरक्षित सीटों का नया समीकरण: परिसीमन के बाद एससी (SC) और एसटी (ST) के लिए आरक्षित क्षेत्रों में भी बड़े उलटफेर की संभावना है। कई सामान्य सीटें आरक्षित हो सकती हैं, जबकि कुछ मौजूदा आरक्षित सीटों का दर्जा बदल सकता है।जनसंख्या का मानक: 2026 का परिसीमन नई जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होगा। जानकारों का मानना है कि राज्य की अनुमानित 3 करोड़ की आबादी के हिसाब से सीटों का बंटवारा फिर से किया जाएगा।राजनीतिक दलों की नजरसीटों की संख्या बढ़ने से राजनीतिक बिसात भी नए सिरे से बिछाई जाएगी। छोटे क्षेत्रों का दायरा बदलेगा, जिससे कई दिग्गज नेताओं के पुराने निर्वाचन क्षेत्रों का अस्तित्व खत्म हो सकता है या उनकी सीमाएं बदल सकती हैं।क्या है परिसीमन (Delimitation)?परिसीमन वह प्रक्रिया है जिसके तहत जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘एक वोट, एक मूल्य’ के सिद्धांत को लागू करना है।
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