
कोरबा: नगर पालिक निगम कोरबा और BALCO–वेदांता के बीच टैक्स देनदारी को लेकर विवाद गंभीर हो गया है। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार BALCO–वेदांता पर 100 करोड़ से अधिक टैक्स बकाया है, जबकि कुछ दस्तावेज़ों में ₹28 करोड़ के समायोजन की बात सामने आती है।
इस विवाद ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि टैक्स बकाया है, तो नगर निगम ने नए निर्माण, बाउंड्री वॉल, सड़क निर्माण और G+9 परियोजनाओं को किस आधार पर अनुमति दी? क्या नियमों का पालन किया गया या अनुमति देने में कोई चूक हुई?
मामले को और जटिल बनाता है BALCO का चिमनी डिस्मेंटल विवाद। 2024-25 में निगम ने स्पष्ट किया था कि टैक्स बकाया होने तक अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद G+9 परियोजना को उसी साल अनुमति मिल गई, जिससे पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल उठते हैं।
RTI के माध्यम से मिली जानकारी भी अधूरी और अस्पष्ट रही, जिससे जनता में असंतोष बढ़ा है। BALCO–वेदांता द्वारा बिना पूरी अनुमति बाउंड्री वॉल निर्माण किया गया, जिस पर नगर निगम ने आंशिक कार्रवाई की थी, लेकिन पूरे मामले की स्पष्टता अभी तक नहीं है।
कोरबा की जनता जवाब चाहती है कि ₹28 करोड़ का हिसाब और 100+ करोड़ टैक्स बकाया का सच क्या है। यदि जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं होती है, तो मामला वित्तीय ऑडिट, प्रशासनिक जांच और उच्च स्तरीय हस्तक्षेप तक जा सकता है।
