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KORBA BREAK:मौत का सच छिपाया डॉक्टर-ठेकेदार-ऑपरेटर ने

👉🏻 पाली में 6 दिन बाद कब्र से निकाली गई मजदूर की लाश

👉🏻 छत ढलाई के दौरान करंट लगा, सरकारी अस्पताल में दम तोड़ा

कोरबा-पाली। उपेक्षापूर्ण कार्य कराने और विद्युत कनेक्शन देने के दौरान बरती गई सुरक्षागत लापरवाही एक मजदूर की जिंदगी पर भारी पड़ गई। कार्य के दौरान करंट लगने से मौत हो गई लेकिन इस पूरी सच्चाई को छुपाते हुए परिजन को शव सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार के बाद जब हकीकत सामने आई तो पत्नी के आवेदन पर 6 दिन बाद कब्र से शव निकाल कर जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नगोई में शिवलाल पोर्ते के निवास पर छत की ढलाई का कार्य चल रहा था कि इस दौरान लिफ्ट मशीन विद्युत तार की चपेट में आ गया। उस वक्त लेबर का कार्य कर रहा ग्राम पंचायत पोड़ी मड़वामौहा निवासी युवक नवीन कुमार 28 वर्ष करंट की चपेट में आ गया। उसे प्राथमिक उपचार हेतु पाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद डाक्टरों ने बिना पुलिस को सूचना दिये और बिना पोस्टमार्टम के ही शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने 16 जून को सामाजिक रीति-रिवाज से मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों द्वारा बताए अनुसार शव देते समय, पोस्टमार्टम हो गया है, ऐसी बात बताई गई थी। घटना के बारे मृतक के परिजनों को सामान्य घटना या मौत होता बताया गया था जबकि बाद में करेंट लगने से मृत्यु की बात पता चली। यह जानकारी होने के बाद मृतक की पत्नी ने पाली थाना में 19 जून को लिखित आवेदन प्रस्तुत कर शव परीक्षण एवं पोस्टमार्टम की मांग रखी। डाक्टर पर भी गुमराह करने और बिना पोस्टमार्टम शव सौंपने का आरोप लगाया, जिसके बाद उच्चाधिकारियों की अनुमति से ग्राम के सरपंच,मृतक के परिजनों को विधिवत सूचना दी गई। इसके बाद नायब तहसीलदार सुजीत पाटले, फोरेंसिक एक्सपर्ट सत्यजीत सिंह कोसरिया,पाली थाना से प्रधान आरक्षक नरेंद्र लहरे, अमित कुमार, डॉ. कश्यप एवं जयंत भगत आदि मौके पर पहुंचे और शव को कब्र से निकाल कर आवश्यक परीक्षण किया गया।

👉🏻डाक्टरों की भूमिका पर सवाल

मृतक के परिजनों ने डाक्टरों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें शव सौंपते समय पोस्टमार्टम हो जाने की बात बताई गई थी और कोरे कागज पर दस्तखत भी कराए गए, जबकि बाद में जानकारी मिली कि पोस्टमार्टम हुआ ही नहीं है, अब डाक्टर ने ऐसा क्यों किया, किसके कहने पर किया, किसी को बचाना उनका मकसद है..? यह सब जांच का विषय है।

👉🏻 इन्होंने छिपाया घटना का सच

जांच-पड़ताल के दौरान जांच टीम ने घटना स्थल ग्राम नगोई के उस आवास घर का भी निरीक्षण किया, जहां घटना हुई थी। इसमें पाया गया कि जिस घर में छत ढलाई का कार्य चल रहा था वहां विद्युत कनेक्शन विद्युत बॉक्स से ना देकर लूपिंग करके किया गया था,।साथ ही केबल के विद्युत तार भी कई स्थानों से खुले थे जो घटना की वजह बनी। छत ढलाई से पूर्व मकान मालिक या ठेकदार को भी बिजली विभाग में इसकी सूचना देनी थी कि उक्त स्थान पर छत ढलाई का कार्य होने वाला है, विभाग विद्युत तारों को व्यवस्थित करें जिससे कोई घटना ना घटित हो। साथ ही ठेकदार द्वारा छत ढलाई का कार्य करने वाले मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इस तरह से कई लापरवाही और उपेक्षापूर्ण कार्य कराने के कारण मजदूर की मौत हो गई। घटना होने के बाद विविधत सूचना ठेकेदार या परिजनों को पाली थाना में देनी थी, ऐसा भी नहीं किया गया।

👉🏻 करंट के निशान पाए गए

फोरेंसिक एक्सपर्ट सत्यजीत सिंह कोसरिया ने बताया कि शव परीक्षण के प्रथम दृष्टिया में करेंट प्रवेश एवं एक्जिट के साक्ष्य दिख रहे है, जिसके बाद साक्ष्य संरक्षित करने निर्देश दिया गया है। हाथ से करेंट प्रवेश एवं पैर से करेंट एक्जिट दिख रहा है जहां हाथ में काले रंग का निशान और पैर के पास नीले रंग का निशान है।

👉🏻परिजनों पर दोहरे दु:ख का पहाड़ टूटा

मृतक के परिजनों ने बताया कि 3 माह पूर्व फरवरी माह में छोटे बेटे की सड़क दुर्घटना में तिवरता के पास मौत हुई है। ग्राम पोड़ी निवासी रामायण सिंह के 2 पुत्र में छोटे बेटे शनि कुमार की मौत से परिवार गहरे शोक से उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि 3 माह बाद बड़े बेटे की मौत ने परिजनों को तोड़ कर रख दिया है। नवीन कुमार की मौत से 3 वर्ष की बड़ी बेटी और 3 माह की दूसरी बेटी के सिर से पिता का साया छिन गया है।

👉🏻 यह बताया नायब तहसीलदार ने

इस मामले में नायब तहसीलदार सुजीत पाटले ने बताया कि कब्र से शव निकाल कर परीक्षण कराने हेतु अनुविभागीय अधिकारी के निर्देश थे। मौके पर जाकर निरीक्षण, पंचनामा सहित शव को कब्र से निकलवा कर परीक्षण किया गया साथ ही घटना स्थल का भी निरीक्षण किया गया। आगे की जांच कार्यवाही चल रही है।

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