
रायपुर नगर निगम में 100 करोड़ का जमीन घोटाला, चार अधिकारी निलंबित, जांच शुरूरायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम से जुड़ा एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है, जिसकी अनुमानित राशि 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। मामले के सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है और तत्काल कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्कालीन जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे, कार्यपालन अभियंता आशीष शुक्ला, इंजीनियर योगेश यादव और अजय श्रीवास्तव को सस्पेंड किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब 150 एकड़ से अधिक जमीन को नियमों के विरुद्ध वैध करने की प्रक्रिया अपनाई गई। आरोप है कि संबंधित फाइलों को निगम मुख्यालय की प्रक्रिया से हटाकर सीधे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग भेजा गया। जांच समिति को 70 से अधिक खसरा नंबरों से जुड़ी फाइलों के गायब होने की जानकारी भी मिली है, जिससे पूरे मामले में गंभीर अनियमितताओं और मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। यह घोटाला बोरियाखुर्द, ओम नगर, साईं नगर और बिलाल नगर क्षेत्रों से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां अवैध कॉलोनियों को वैध करने की कोशिश की गई। रिपोर्ट में बिल्डरों, दलालों और कुछ अधिकारियों के बीच गठजोड़ के संकेत भी मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। वहीं, विपक्ष ने इस पूरे प्रकरण में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
