नगर परिषद के पार्षद पक्ष पर आरोपों की बौछार, बैठक पर दबाव के बीच सच्चाई दबाने की आशंका
नगर परिषद से जुड़े पार्षद पक्ष इन दिनों लगातार आरोपों के घेरे में है। हाल ही में हुई बैठकों और निर्णयों को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि परिषद की बैठकों पर दबाव बनाया जा रहा है और कुछ मुद्दों पर खुलकर चर्चा नहीं होने दी जा रही।
सूत्रों के अनुसार, पार्षदों के एक वर्ग का कहना है कि महत्वपूर्ण विषयों को जानबूझकर दबाया जा रहा है, जिससे वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ पा रही। वहीं, कुछ पार्षदों ने यह भी संकेत दिए हैं कि प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव के चलते पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
मामले को लेकर विपक्षी पार्षदों ने कड़ा रुख अपनाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनहित दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
हालांकि, परिषद के जिम्मेदार पदाधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या सच्चाई सामने आ पाएगी।
