कोरबा (छत्तीसगढ़): कोरबा स्थित एचटीपीपी (हसदेव ताप विद्युत परियोजना) में कथित भ्रष्टाचार को छिपाने की साजिश का मामला सामने आया है। एक स्थानीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि परियोजना से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों को दबाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों को सार्वजनिक होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। आरोप है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और कुछ अन्य लोग मिलकर मामले को दबाने में जुटे हुए हैं, ताकि वित्तीय अनियमितताओं की जांच आगे न बढ़ सके।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी और जांच प्रक्रिया में देरी भी सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोगों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग या अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मामला होगा, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।
