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जांजगीर-चांपा पुलिस को मिली नई ऊर्जा, 19 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक और 2 सूबेदार हुए पदस्थ

जांजगीर-चांपा, 01 जून 2026 । जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य पुलिस अकादमी रायपुर से बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 19 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक एवं 2 प्रशिक्षु सूबेदारों की जांजगीर-चांपा जिले में 10 माह के व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए पदस्थापना की गई है। प्रशिक्षु अधिकारियों के आगमन से जिला पुलिस बल को नई ऊर्जा, कार्यक्षमता और जनसेवा के क्षेत्र में अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा भेजे गए इन प्रशिक्षु अधिकारियों की बैठक पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने ली। इस दौरान उन्होंने जिला पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था संधारण, अपराध नियंत्रण तथा पुलिसिंग के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आम नागरिकों को न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करना है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षु अधिकारियों को अपराध विवेचना, मर्ग जांच, शिकायत एवं आवेदन जांच की प्रक्रियाओं को गंभीरता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से फरियादियों और आवेदकों के साथ शालीन, सम्मानजनक एवं मानवीय व्यवहार बनाए रखने पर जोर दिया।

जिले के विभिन्न थाना एवं चौकियों में पदस्थ किए गए प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को कानून-व्यवस्था ड्यूटी के साथ-साथ थाना स्तर के महत्वपूर्ण कार्यों का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अपराध जांच, मर्ग जांच, शिकायतों की जांच, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, सीसीटीएनएस संचालन, संत्री ड्यूटी, मददगार कार्य, मुलजिम पेशी, न्यायालयीन कार्यवाही और बीट पुलिसिंग जैसे विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा प्रशिक्षुओं को प्रधान आरक्षक मोहरीर कार्य, प्रधान आरक्षक गस्ती, रिकॉर्ड संधारण, थाना प्रशासन एवं जनसंपर्क से जुड़े कार्यों की बारीकियों से भी अवगत कराया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी पुलिसकर्मियों के मार्गदर्शन में उन्हें पुलिस व्यवस्था के प्रत्येक पहलू का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे भविष्य में एक दक्ष, अनुशासित, संवेदनशील और जनोन्मुखी पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन कर सकें।

जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को कानून-व्यवस्था प्रबंधन, अपराध नियंत्रण, जनसंपर्क और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्राप्त होगा। इससे उन्हें पुलिस सेवा की वास्तविक चुनौतियों और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलेगा।

पुलिस विभाग का मानना है कि प्रशिक्षु अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता से जिले में पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनहितैषी बनेगी। साथ ही आम जनता को बेहतर, त्वरित और संवेदनशील पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी। जिला पुलिस प्रशासन ने इसे पुलिस बल के लिए एक सकारात्मक और महत्वपूर्ण कदम बताया है, जो भविष्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

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