रायपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में अब शहीद जवानों की वीरता की कहानियां स्मारकों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएंगी। राज्य सरकार ने माओवादी स्मारकों को हटाकर उनकी जगह सुरक्षा बलों के शहीद जवानों के “अमर बलिदानी स्मारक” स्थापित करने का फैसला लिया है।
सरकार के इस निर्णय के तहत पंचायत विभाग द्वारा इन स्मारकों के निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत कर दी गई है। इन स्मारकों में शहीद जवानों के साहस और बलिदान की गाथाएं प्रदर्शित की जाएंगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें।
बताया जा रहा है कि बस्तर के जिन इलाकों में पहले माओवादियों का प्रभाव था, वहां अब इन स्मारकों के जरिए सुरक्षा बलों के योगदान को सम्मान दिया जाएगा। यह पहल न सिर्फ शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए है, बल्कि क्षेत्र में शांति और विकास का संदेश देने के उद्देश्य से भी की जा रही है।
सरकार का मानना है कि इन स्मारकों के निर्माण से स्थानीय लोगों में देशभक्ति की भावना मजबूत होगी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा मिलेगा।
