
कोरबा (छत्तीसगढ़) | 1 अप्रैल, 2026छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा के ग्राम ढपढप (बांकी मोंगरा) में आयोजित पाँच दिवसीय ‘दिव्य श्री हनुमत कथा’ का आज भक्तिमय माहौल में समापन हुआ।

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल रमन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम सरकार) के सानिध्य में संपन्न हुआ 108 निर्धन एवं दिव्यांग कन्याओं का सामूहिक विवाह रहा।प्रमुख आकर्षण और गतिविधियां:राज्यपाल का आशीर्वाद: राज्यपाल रमन डेका ने नवविवाहित जोड़ों को अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। उन्होंने सामाजिक समरसता के इस प्रयास की सराहना करते हुए घोषणा की कि राजभवन की ओर से प्रत्येक जोड़े को सम्मान स्वरूप ₹5,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

शास्त्री जी का संबोधन: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कोरबा को ‘ऊर्जा नगरी’ बताते हुए कहा कि यहाँ के लोग न केवल देश को रोशन करते हैं, बल्कि अपनी भक्ति से अध्यात्म की लौ भी जला रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति और हिंदुत्व के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।सेवा का अनुपम उदाहरण: ‘अपना घर सेवा परिवार’ द्वारा आयोजित इस सामूहिक विवाह ने क्षेत्र में सेवा और करुणा की एक नई मिसाल पेश की है। विवाह समारोह में सभी जोड़ों को गृहस्थी का आवश्यक सामान भी भेंट किया गया।भक्तों का सैलाब और सुरक्षा व्यवस्था:कथा के अंतिम दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु ढपढप पहुँचे थे।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा 500 से अधिक पुलिस बल तैनात किए गए थे। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम रहे और भक्तों के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।”यह आयोजन केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि सेवा और सामाजिक उत्थान का महाकुंभ है। कोरबा की धरती से सेवा का जो संदेश आज निकला है, वह पूरे प्रदेश को प्रेरित करेगा।” — राज्यपाल रमन डेकाब्यूरो रिपोर्ट, कोरबा
