
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नियमों की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय शासकीय मेडिकल कॉलेज की बसें बिना वैध रजिस्ट्रेशन के ही सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। यह न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा जोखिम है।क्या है पूरा मामला?मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा उपयोग की जाने वाली बसों का अभी तक परिवहन विभाग (RTO) में विधिवत पंजीकरण नहीं कराया गया है। नियमों के मुताबिक, किसी भी कमर्शियल या संस्थान की बस को सड़क पर उतारने से पहले उसका रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट और बीमा अनिवार्य होता है।मुख्य बिंदु:नियमों की धज्जियां: बिना नंबर प्लेट या अस्थाई नंबर के साथ इन बसों का संचालन किया जा रहा है।सुरक्षा पर सवाल: यदि इन बसों के साथ कोई अनहोनी होती है, तो बिना रजिस्ट्रेशन के बीमा क्लेम और कानूनी प्रक्रिया में भारी दिक्कतें आ सकती हैं।प्रशासनिक लापरवाही: कॉलेज प्रबंधन और संबंधित विभाग के बीच समन्वय की कमी इस लापरवाही का मुख्य कारण मानी जा रही है।RTO और कॉलेज प्रबंधन का पक्षसूत्रों के अनुसार, परिवहन विभाग ने इस पर आपत्ति जताई है। सामान्य तौर पर ऐसे मामलों में भारी जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, कॉलेज प्रबंधन की ओर से कागजी कार्रवाई प्रक्रिया में होने की बात कही जा रही है, लेकिन सवाल यह उठता है कि प्रक्रिया पूरी होने तक बसें सड़क पर क्यों चल रही हैं?नोट: सरकारी संस्थानों द्वारा ही नियमों का उल्लंघन करना आम जनता के बीच गलत संदेश भेजता है। अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद विभाग इन बसों पर क्या कार्रवाई करता है।
