
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में वन विकास निगम के तहत कराए गए करोड़ों रुपए के वृक्षारोपण कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। लगभग 28 करोड़ रुपए की लागत से किए गए इस प्लांटेशन कार्य पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, आरोप है कि बड़े पैमाने पर राशि खर्च दिखाकर वास्तविक रूप से जमीन पर अपेक्षित कार्य नहीं किया गया। कई स्थानों पर पौधरोपण या तो अधूरा पाया गया या फिर लगाए गए पौधे सूख गए, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय स्तर पर यह भी शिकायतें सामने आई हैं कि कार्यों में तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत पौधों का चयन, गड्ढों की खुदाई और रोपण की समयावधि में भी लापरवाही बरती गई, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना कम हो गई। आरोप यह भी है कि कुछ मामलों में बिना पर्याप्त कार्य किए ही भुगतान निकाल लिया गया, जिससे वित्तीय अनियमितता की आशंका और गहरी हो गई है। मामले के उजागर होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।वहीं, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं कमियां पाई गई हैं तो उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग उठ रही है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
