
रायपुर: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) में हो रही गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रदेश के 33 निजी अस्पतालों को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही 26 अस्पतालों के भुगतान (Payments) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।क्यों हुई यह कार्रवाई?स्वास्थ्य विभाग की राज्य नोडल एजेंसी (SNA) द्वारा की गई जांच में इन अस्पतालों में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं:फर्जी क्लेम: कई अस्पतालों द्वारा इलाज के नाम पर फर्जी बिल और दावे पेश किए जाने की शिकायतें मिली थीं।अतिरिक्त वसूली: आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीजों से अलग से पैसे लेने के मामले सामने आए।नियमों की अनदेखी: इलाज के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।प्रमुख बिंदु:सस्पेंशन: 33 अस्पतालों को योजना के पैनल से बाहर (डी-इम्पैनल) या निलंबित कर दिया गया है। अब ये अस्पताल आयुष्मान कार्ड के तहत नए मरीज भर्ती नहीं कर पाएंगे।पेमेंट होल्ड: 26 अस्पतालों के करोड़ों रुपये के भुगतान को जांच पूरी होने तक रोक दिया गया है।निगरानी: नेशनल एंटी-फ्रॉड यूनिट (NAFU) के इनपुट और स्थानीय शिकायतों के आधार पर यह एक्शन लिया गया है।सरकार का सख्त संदेशछत्तीसगढ़ सरकार के इस कदम से स्वास्थ्य क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता गरीबों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज देना है। योजना में किसी भी तरह की धोखाधड़ी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में कुछ और अस्पतालों पर भी गाज गिर सकती है।मरीजों के लिए सलाह:यदि आप या आपके परिचित आयुष्मान कार्ड का उपयोग कर रहे हैं, तो अस्पताल जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह अस्पताल वर्तमान में योजना के तहत सक्रिय (Active) है या नहीं। किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत आप टोल-फ्री नंबर 14555 पर कर सकते हैं।
