
कोरबा/छत्तीसगढ़।भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरे जिले में बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। सुबह से ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।जयंती के अवसर पर कई स्थानों पर प्रभात फेरियां निकाली गईं, जहां युवाओं और समाज के लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान “जय भीम” के नारों से वातावरण गूंज उठा।इस मौके पर समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि विकास महतो ने भी कार्यक्रमों में भाग लेते हुए बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक, अर्थशास्त्री और शिक्षाविद भी थे। उन्होंने समाज में व्याप्त छुआछूत, भेदभाव और जातिवाद के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और समानता, न्याय तथा स्वतंत्रता के सिद्धांतों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। युवाओं को उनके बताए रास्ते पर चलते हुए शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाना चाहिए, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया। स्कूल-कॉलेजों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को बाबा साहेब के जीवन, संघर्ष और उनके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।कई सामाजिक संगठनों द्वारा जरूरतमंदों को फल, भोजन और कपड़े वितरित किए गए, जिससे सेवा और समर्पण की भावना भी देखने को मिली। वहीं, शाम के समय कई स्थानों पर दीप प्रज्वलन और भजन-कीर्तन का आयोजन कर बाबा साहेब को याद किया गया।
