Today’s Top News: रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में शासकीय विभागों, निगम-मंडलों, कंपनियों और बोर्डों के स्वामित्व वाली अनुपयोगी व खाली जमीनों के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए एक व्यापक रिडेवलपमेंट कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों से चिन्हित की गई भूमियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में डायल 112 इमरजेंसी सर्विस की नई गाड़ियों के लिए ड्राइवरों की भर्ती के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डायल 112 सेवा के लिए ड्राइवर भर्ती का दावा किया गया है। पोस्टर में 13 जिलों में भर्ती, 13 हजार रुपए वेतन, 8 घंटे की ड्यूटी और 21 से 40 वर्ष तक की आयु सीमा जैसी जानकारी दी गई है। साथ ही एक मोबाइल नंबर जारी कर इच्छुक उम्मीदवारों से संपर्क करने की अपील भी की गई है।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। कोटमी बाजार में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या और लूट की वारदात के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडेय पेंड्रा पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
धमतरी। महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ धमतरी पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। नाबालिग से दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3000-3000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन मामलों में धमतरी पुलिस की मजबूत विवेचना और प्रभावी पैरवी को न्यायालय के फैसले का अहम आधार माना जा रहा है।
